Saturday, 10 December 2016


(Canductors, Insulators, and Semi-conductor)
(चालक, अचालक,अर्द्धचालक) 

चालक (Canductors):मुक्त इलेक्ट्रॉन्स की बहुलता वाले पर्दाथ चालक कहलाते है | इनमे से विधुत धारा सुगमता से प्रवाहित होती है | इनमे परमाणु की अंतिम कक्षा में एक, दो, या तीन संयोजि इलेक्ट्रॉन्स होते है | अधिकाश धातुएं चालक होते है , जैसे –चांदी(silver), तांबा(Copper), सोना(Gold), पीतल(Brass), लोहा(Iron), आदि |

अचालक (Insulators):जिस पदार्थ में मुफ्त इलेक्ट्रॉन्स की संख्या नगणय अथवा नहीं होती वे अचालक कहलाते है | (वोल्टेज, तापक्रम, आदि) में इनमे से विधुत धारा प्रवाह नहीं होती | ये पदार्थ अधातिवित होती है और प्रतियेक पदार्थ की प्रथक-प्रथक  वोल्टेज सहन सीमा होती है जिस डाइलेक्ट्रिक स्ट्रंथ (dielectric strangth)  कहते है –कांच रबर प्लास्टिक पी वी सी P,V,C(poly, vinyle, chloride) आदि |

अर्द्धचालक(Semi-conductor):चालको तथा अचालक के गुणधर्मो के बिच के गुणधर्म वाले पदार्थ अर्द्धचालक कहलाते है | अपनी सामान्य अवस्था में तो ये पदार्थ आचालक की भाती वेव्हार कर
ता है परन्तु इनमे कुछ अन्य पदार्थ को अशुिद्ध के रूप में मिला देने पर ये अंशीक रूप से चालक बन जाता है | एसे प्रमुक पदार्थ है-जर्मेनियन और सीलीकोन |

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