(Canductors,
Insulators, and Semi-conductor)
(चालक, अचालक,अर्द्धचालक)
चालक (Canductors):मुक्त इलेक्ट्रॉन्स की
बहुलता वाले पर्दाथ चालक कहलाते है | इनमे से विधुत धारा सुगमता से प्रवाहित होती
है | इनमे परमाणु की अंतिम कक्षा में एक, दो, या तीन संयोजि इलेक्ट्रॉन्स होते है
| अधिकाश धातुएं चालक होते है , जैसे –चांदी(silver), तांबा(Copper), सोना(Gold),
पीतल(Brass), लोहा(Iron), आदि |
अचालक (Insulators):जिस पदार्थ में मुफ्त
इलेक्ट्रॉन्स की संख्या नगणय अथवा नहीं होती वे अचालक कहलाते है | (वोल्टेज,
तापक्रम, आदि) में इनमे से विधुत धारा प्रवाह नहीं होती | ये पदार्थ अधातिवित होती
है और प्रतियेक पदार्थ की प्रथक-प्रथक वोल्टेज
सहन सीमा होती है जिस डाइलेक्ट्रिक स्ट्रंथ (dielectric strangth) कहते है –कांच रबर प्लास्टिक पी वी सी
P,V,C(poly, vinyle, chloride) आदि |
अर्द्धचालक(Semi-conductor):चालको तथा अचालक के
गुणधर्मो के बिच के गुणधर्म वाले पदार्थ अर्द्धचालक कहलाते है | अपनी सामान्य
अवस्था में तो ये पदार्थ आचालक की भाती वेव्हार कर


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